Wockhardt Hospitals Ltd. Life Wins Mira Road Doctor & Ceo Exclusive Interviews

Wockhardt Hospitals Ltd. Life Wins Mira Road Dr. Dipanjan Haldar (MBBS, MD, DM) Exclusive

Wockhardt Hospitals Ltd. Life Wins CEO Ravi Hirwani & Dr. Dipanjan Haldar Exclusive


Shaina NC felicitates Ratan Tata meets Mohan Bhagwat

Shaina NC felicitates Ratan Tata meets Mohan Bhagwat

In a surprising development, business tycoon and Tata Sons chairman Ratan Tata met Rashtriya Swayamsevak Sangh chief Mohan Bhagwat at RSS headquarters, Mahal in Nagpur on Wednesday afternoon news agency PTI reports. Tata was accompanied by BJP spokesperson Shaina NC. Reports said that Tata had a 30-minute talk with the RSS chief. Tata also paid tributes to RSS founder Keshav Baliram Hedgewar before meeting Bhagwat. It is reportedly said that BJP spokesperson Shaina NC felicitated this meeting between RSS chief Mohanji Bhagwat and Ratan Tata, who claimed the meeting was to discuss Tata Charity work and RSS Service to mankind.

What transpired in the meeting was, however, not known. However, the timing of Tata’s meet with the RSS chief has set tongues wagging. Tata is battling a fight with ex-Tata Sons chief Cyrus Mistry, who was unceremoniously removed from the office in October.

Tata, who had retired as Chairman of Tata Sons in December 2012 had seen off big names like Russi Mody of Tata Steel, Darbari Seth of Tata Chemicals, Ajit Kerkar of Indian Hotels, and A H Tobaccowala of Voltas in the 1990s. In contrast, Mistry, who succeeded Tata and let many believe that he would remain in the position for long, was removed even before he could settle his foot in the company affairs properly.

Tata-Mistry battle came as a shocker to the entire industry in 2016. Mistry was sacked as the chairman of Tata Sons which ensued an unending slugfest that is unlikely to end soon in the new year. There have been several speculations over the reasons for the fight that led to Tata’s return at the helm of affairs for four months.

News agency Reuters reported on December 26 that “a distinct set of governance rules” could be the reason behind the feud between the duo. The report said that at the time of his retirement in 2012, Ratan Tata had recommended a change in the laws governing the relationship between India’s largest conglomerate and its key shareholder.

“Tata wanted to make sure the Trusts, that rely on Tata Sons for dividends to fund their charitable work, could keep having a major say in company decisions,” sources told Reuters. “Mistry agreed, and in doing so sowed the seeds of his ouster from the company last October,” they added. Tata’s sudden visit to RSS headquarters exemplifies the clout wielded by Bhagwat and RSS at the state level besides reinforcing the belief that Nagpur is a parallel power centre in the country. Tata also visited Deekshabhoomi, the place where Dr Babasaheb Ambedkar embraced Buddhism along with his followers in 1956.


Spinning Charkha brings harmony in the lives of spinners: Vinai Kumar Saxena, Chairman, KVIC

Spinning Charkha brings harmony in the lives of spinners: Vinai Kumar Saxena, Chairman, KVIC
Mumbai: Khadi And Village Industries Commission (KVIC) has taken another initiative of extending helping hand to the rural artisans from remote corners of Maharashtra by organizing Khadi Haat 2016 in the heart of Mumbai Metro city where a group of rural artisans across remote Villages of Maharashtra are selling their traditional handmade goods. With a view to provide organic and eco friendly goods to the buyers on this New Year festive season, this exhibition is organized from 26th December 2016 to 1st January 2016.
Shri Vinai Kumar Saxena, Chairman, KVIC Addressing the media on this occasion said, “this kind of act of promoting rural artisans in urban market not only serves the
cause of socio –economic unity of nation’s creative diversity but spinning Charkha transforms lives and brings harmony in the life of the spinner. Live example are the juvenile
Children who were provided training in spinning which has made them financially independent but has brought behavioral Changes, making them responsible citizen,” He said.
He briefed on the most recent MoU executed between KVIC and REC on 21st December 2016 which will extend financial support of Rs. 5.50 crores to setup composite
spinning, weaving and garment unit at Varanasi. He also briefed on tieup with other major organizations to increase sale and connecting with youth in Schools and Universities. This is developing taste of eco-friendly and ethnic taste among youth.
Speaking on effect of Demonetarization CEO KVIC, Ms Usha Suresh said, KVI sector was not much affected by this change of transaction. The departmental sales outlets
were already carrying out digital sale for e.g. in KVIC flagship store at New Delhi almost 91% retail sale is digital. This is effective way to develop a corruption free system.
Besides this she also informed about the KVIC’S organizing various awareness programmes about benefits of cashless transactions among Khadi and Village Industry
Institutions and artisans.
The exhibition Khadi Haat has attractive ethnic collection of herbal products, health food, attractive handmade paper, pottery, handicraft, wood craft, leather, aggarbatti,
honey, herbal products, pickles, cultural heritage, craftsmanship and extensive varieties eateries that reflects taste and showcase value of Maharashtra. First of this kind this
exhibition is a marketing support to artisans, institutions and entrepreneurs engaged in production of Khadi & Village Industries products predominantly in rural areas of
चरखा कारीगरों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है: विनय कुमार सक्सेना, अध्यक्ष, खादी और ग्रामोद्योग आयोग
महाराष्ट्र में दूर दराज़ क्षेत्रों के ग्रामीण कारीगरों की साहायत हेतु खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने मुंबई शहर के ह्रदय स्थल में खादी हाट 2016 का आयोजन कर मदद का हाँथ बढाया है जहाँ सम्पूर्ण
महाराष्ट्र से दूर दराज क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीण कारीगर सामूहिक रूप से अपने पारंपरिक हाँथ कागज़ की वस्तुओं की बिक्री कर रहे हैं | इस नव वर्ष में त्योहारों के अवसर पर क्रेताओं को जैविक एवं
पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद उपलब्ध कराने की दृष्टि से यह प्रदर्शनी 26 दिसंबर 2016 से 1 जनवरी, 2016 तक आयोजित की जा रही है |
इस अवसर पर संबोधित करते हुए खादी और ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष श्री विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि “शहरी बाजार में ग्रामीण कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार के कार्य न केवल
देश की रचनात्मक विविधता में सामाजिक – आर्थिक एकता का कार्य करता है, अपितु चरखा कारीगरों के जीवन में सामंजस्य स्थापित कर उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है | जिसका जीवंत
उदाहरण बाल सुधार गृह के ऐसे किशोर बच्चे हैं जिन्हें कताई का प्रशिक्षण प्रदान किया जिसने वित्तीय स्वतंत्रता के साथ साथ व्यवहारिक बदलाव लाकर उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बना
दिया है |
नोटबंदी पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जानकारी दी कि खादी ग्रामोद्योग आयोग के विक्रय केन्द्रों में लगभग 91 प्रतिशत लेनदेन के व्यवहार डिजिटल होते हैं | उन्होंने हाल ही में खादी और ग्रामोद्योग आयोग तथा आर. ई. सी. के मध्य 21 दिसंबर 2016 को हुए समझौते के बारे में भी जानकारी दी, जो वाराणसी में कताई, बुनाई एवं परिधान निर्माण इकाई के समग्र स्थापना हेतु 5.50 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायत में वृद्धि करेगा | खादी की बिक्री बढाने विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में युवाओं को जोड़ने के लिए उन्होंने बड़े संगठनों के साथ हुए समझौतों के बारे में जानकारी दी | यह युवाओं में पर्यावरण के अनुकूल मानसिकता तथा रूचि को बढ़ावा दे रहा है |
नोटबंदी के प्रभाव पर बोलते हुए खादी और ग्रामोद्योग आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री उषा सुरेश ने कहा कि लेन देन के तरीके में बदलाव के कारण खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र बहुत
अधिक प्रभावित नहीं हुआ है | विभागीय विक्रय केंद्र पहले से ही इस तरह के डिजिटल लेनदेन को व्यवहार में ला चुके थे उदाहरण के तौर पर नई दिल्ली स्थित खादी और ग्रामोद्योग आयोग के प्रमुख
स्टोर का लगभग 91 प्रतिशत खुदरा व्यवसाय डिजिटल व्यवहार के रूप में होता है | भ्रष्टाचार मुक्त प्रणाली बनाने का यह सबसे प्रभावी तरीका है | इसके अतिरिक्त उन्होंने खादी संस्थाओं और कारीगरों
के लिए कैश लेश व्यवहार के लाभ के बारे में खादी और ग्रामोद्योग आयोग के द्वारा आयोजित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं |
प्रदर्शनी में हर्बल उत्पादों स्वस्थ्य वर्धक आहार आकर्षक हाँथ बने कागज़, हस्तशिल्प, काष्ठशिल्प, चर्म उत्पाद अगरबत्ती, मधु (शहद ) आचार, सांस्कृतिक विरासत, शिल्पकारी तथा खाद्य पदार्थों जो
महाराष्ट्र के स्वाद को दर्शाता है की, व्यापक किस्मों का प्रदर्शन किया गया है | यह इस तरह की पहली प्रदर्शनी है जो मुख्य रूप से महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों के कारीगरों, संथाओं तथा खादी और
ग्रामोद्योग उतापदों के उत्पादन में लगे हुए उद्यमियों के लिए एक विपणन सहायता हेतु प्रदर्शित की गई है |

नोटबंदी से पहले तैयारी नहीं की गई, इसका फायदा न मिला तो अराजकता फैलेगी : राज ठाकरे

नोटबंदी से पहले तैयारी नहीं की गई, इसका फायदा न मिला तो अराजकता फैलेगी : राज ठाकरे

खास बातें
‘बीजेपी ने 2014 में हुए चुनाव के खर्च का ब्योरा नहीं दिया है’
‘भाजपा-संघ के लोग भी इस फैसले से खुश नहीं, लेकिन सब चुप हैं’
‘पीएम यह नहीं बता रहे कि नोटबंदी से हमें कैसे फायदा होगा’

मुंबई: (शनिवार, नवम्बर 19, 2016) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने
शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर नोटबंदी को लेकर करारा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि अगर
नोटबंदी का फायदा देखने को न मिला, तो देश में अराजकता फैलेगी. ठाकरे ने सरकार के इस दावे
पर सवाल खड़ा किया कि 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने के लिए 10 महीने पहले ही
तैयारी कर ली गई थी.

बीजेपी ने चुनाव खर्च का ब्योरा नहीं दिया
राज ठाकरे ने कहा, ‘अगर ऐसा था तो नए नोटों पर आरबीआई के नए गर्वनर (उर्जित पटेल) के
हस्ताक्षर कैसे हैं, जिन्होंने महज तीन महीने पहले ही कार्यभार संभाला है?’ उन्होंने प्रधानमंत्री पर सीधे
निशाना साधते हुए कहा, ‘बीजेपी ने अभी तक 2014 में हुए चुनाव के खर्च का ब्योरा नहीं दिया
है…अगर काले धन से इतनी ही घृणा है, तो मोदी चुनाव जीते कैसे?’

भाजपा-संघ के लोग भी खुश नहीं
मनसे अध्यक्ष ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा, “मैंने
भाजपा के लोगों से बात की है, आरएसएस के लोगों से बात की है, कोई भी खुश नहीं है, लेकिन वे
सभी चुप्पी साधे हुए हैं…अभी तक मोहन भागवत ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है…मैं हैरान हूं
कि यह क्या हो रहा है.”

आम जनता कतार में खड़े-खड़े मरने को मजबूर
ठाकरे ने सवाल किया कि काला धन जमा करने वालों पर ढाई साल में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की
गई, जबकि आम जनता को सजा दी जा रही है और कतार में खड़े होने को, मरने को मजबूर किया
जा रहा है. उन्होंने कहा कि नोटबंदी के कारण अब तक 40 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

नोटबंदी से हमें कैसे फायदा होगा
राज ठाकरे ने कहा, ‘सच तो यह है कि मोदी सरकार द्वारा नोटबंदी लागू करने से पहले कोई तैयारी
नहीं की गई. अगर तैयारी की गई होती तो देश में ऐसे हालात पैदा ही न होते. हर कोई कह रहा है
कि यह देश के लिए अच्छा है, लेकिन प्रधानमंत्री यह नहीं बता रहे कि हमें कैसे फायदा होगा. हम
केवल ईश्वर से प्रार्थना कर सकते हैं कि इससे कुछ अच्छा होगा. अगर यह कदम असफल हुआ तो
देश 20-25 साल पीछे चला जाएगा.”

नोटबंदी पर बिल गेट्स ने की पीएम मोदी की तारीफ, बताया साहसिक फैसला

नोटबंदी पर बिल गेट्स ने की पीएम मोदी की तारीफ, बताया साहसिक फैसला

बिल गेट्स ने पीएम मोदी द्वारा कालेधन पर की गई सर्जिकल स्‍ट्राइक का समर्थन करते हुए इसको
देशहित में बताया है। उन्‍होंने इसको साहसिक निर्णय बताया है।

नई दिल्ली। (Fri, 18 Nov 2016) अमेरिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने भारत में
500 और 1000 रुपये के नोटों पर प्रतिबंध लगाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले को काफी
सराहा है। उन्होंने इसको साहसिक निर्णय बताते हुए उनकी जमकर तारीफ की है। उनका कहना है कि
पीएम के इस फैसले से देश में कालेधन के साथ-साथ भ्रष्टाचार में भी गिरावट आएगी।

डिजिटल तकनीक से बढ़ेगी पारदर्शिता

एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक नीति आयोग द्वारा आयोजित ‘भारत का कायाकल्प’ सेमिनार में
बोलते हुए गेट्स ने कहा कि डिजिटल तरीकों से लेनदेन से पारदर्शिता बढ़ेगी और कालाधन समेत
नकली नोटों के चलमें अभूतपूर्व कमी आएगी। इसके अलावा भारत में डिजिटल वित्तीय समावेश के
सभी साधन मौजूद है। आधार से खाता खोलने की कागजी कार्रवाई कम होगी और यह काम 30
सेकेंड में हो जागा। आधार से एक एकीकृत डाटा भंडार भी बनेगा।

धोखाधड़ी में भी आएगी कमी

जल्दी ही शुरू होने वाले भुगतान बैंक और मोबाइल फोन के प्रसार से हर भारतीय को डिजिटल खाते
और हर प्रकार की कंप्यूटर प्रणाली से संपर्क की जा सकने वाली और धोखाधड़ी से अलग भुगतान
प्रणाली के साथ जोड़ा जा सकता है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 8 नवंबर को अप्रत्याशित
निर्णय कर 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों का चलन बंद कर दिया है।

शैडो इकनॉमी होगी खत्म

गेट्स के मुताबिक केंद्र सरकार के सरकार के इस फैसले से देश में शैडो इकॉनमी को खत्म करने में
मदद मिलेगी और साथ ही भारत कैशलेस इकॉनमी की ओर बढ़ सकेगा। बिल गेट्स ने तकनीक को
अहम बताते हुए कहा कि वह इसपर विश्वास करते हैं लेकिन यह तभी ताकतवर साबित होती है जब
उसका इस्तेमाल करने वाले लोग भी मजबूत हों। नियमन और तंत्र के लिए भी तकनीक का इस्तेमाल
बेहतर होता है। मगर तकनीक तभी लंबे समय तक काम कर सकती है जब उस दुनिया में स्थिरता
और स्थायित्व हो जिसमें हम रह रहे हैं। उन्होंने भारत के प्रयासों को लेकर कहा कि देश जो प्रयास
कर रहा है, वैसा दुनिया के किसी दूसरे देश ने पहले कभी नहीं किया है। भारत यह बात जानता है
कि उसे कितनी अहम चुनौतियों को पार करना है। साथ ही सरकार भी इन समस्याओं से निपटने के
लिए प्रतिबद्ध नजर आ रही है।

भारत में कुपोषण बड़ी समस्या

स्वास्थ्य से जुड़ें मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर भारत में स्वास्थ्य संबंधी किसी एक
समस्या का समाधान करने की कोई जादू की छड़ी मेरे पास हो, तो मैं उससे कुपोषण के संकट को
दूर करना चाहूंगा। भारत में कुछ ऐसे राज्य एवं क्षेत्र हैं, जहां कुपोषण कोई अनोखी नहीं बल्कि एक
सामान्य बात है। बच्चों में कुपोषण के चलते भारत की अर्थव्यवस्था को 2030 तक सालाना 46 अरब
डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है। देश में पांच वर्ष से कम के 4.4 करोड़ बच्चों का शारीरिक
विकास कम है।